RTI एक्टिविस्ट और पत्रकार दीपक उपाध्याय पर हुए जानलेवा हमले की घटना सीसीटीवी में हुई कैद !

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वसई :- जैन शेख. 

सरकारी विभाग में फैले भरस्टाचार को उजागर करने का मामला हो या दबे कुचले लोगो को न्याय दिलाने का मामला इन मामलों को लेकर लड़ने वाले आर,टी,आई एक्टिविस्ट वा पत्रकार हमेशा से ही असामाजिक तत्वों के निशाने पर रहते है । दाभोलकर हत्यकांड जैसे मामले समाजहित में काम करने वालो को दबाने की कोशिश की जाती है लेकिन कई ऐसे है जो अपनी बेबाक कलम से निडरता और साहस से लड़ते रहते हैं इन्ही में से वसई तालुका के नामचीन आर,टी,आई एक्टिविस्ट वा बेबाक लिखने वाले पत्रकार दीपक उपाध्याय हैं जिन पर इतवार की रात जब वह नालासोपारा ईस्ट के पांचम्बा इलाके में घर के पास जनरल स्टोर में बैठे थे तब 5 नकाब पोश लोग रिक्शे से उतर कर दुकान में घुसे और दुकानदार को पकड़ लिया कॉम्प्यूटर गिरा दिया और दीपक उपाध्याय दुकान के अंदर से मारते हुए बाहर रोड पर ले आये लात और घूंसे से मारकर उन्हें गंभीर रूप से जख्मी कर हमलावर फिर रिक्शे से फरार हो गए । जब यह घटना हुई तब लोग तमाशबीन बन कर देख रहे थे लेकिन किसी ने बीच बचाव नही किया कुछ समय बाद जब पत्रकारों को पता चला तो सब घटना स्थल पर पहुंचे और दीपक उपाध्याय को नजदीक के हॉस्पिटल ले गए जंहा गंभीर अवस्था में उन्हें नागिनदास के सरकारी हॉस्पिटल ले जाया गया जंहा उनका इलाज चल रहा है । इस घटना पर तुलींज पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है तथा जांच में जुट गई है ।
पत्रकारों की संस्था क्राइम रिपोर्टर वेल्फेर एसोसिएशन के कार्यलाय के सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना हुई कैद !

दीपक उपाध्याय पर हुए जानलेवा हमले की पूरी घटना उसी इमारत के ऊपर क्राइम रिपोर्टर वेल्फेर एसोसिएशन के कार्यलाय के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गयी जिस को पुलिस ने आधार बना कर जांच सुरु कर दी है और जांच अधिकारी ने बहुत जल्द आरोपियों को पकड़ने का आश्वासन पत्रकारों को दिया है !
पालघर वसई तालुका और मुम्बई  के पत्रकारों ने इस घटना की कड़ी निंदा पत्रकार हुए एकजुट !

दीपक उपाध्याय ने कई गरीब दबे कुचले लोगो को न्याय दिलाने के लिए कई दिनों का उपोषण भी किया था जिस में अजय पाठक हत्याकांड भी था नालासोपारा संतोष भवन में हुई हत्या की घटना को पुलिस ने आकस्मिक निधन बताया था जिस पर उतर प्रदेश से आये मृतक के पिता ने उसे हत्या बताया था पिता इस मामले को लेकर दर दर भटक रहा था इस मामले को लेकर दीपक उपाधयाय ने कागज़ी कार्यवाई की तथा पीड़ित पिता के साथ उपोषण किया जो पोस्टमार्टम रिपोर्ट नही की गई थी आखिर दबाव पड़ने पर पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई और हत्या साबित हुई इस मामले में मृतक की पत्नी और उस के भाई पर 302 हत्या का मामला दर्ज हुआ और उनकी गिरफ्तारी हुई ऐसे कई लोगो के मामले को लेकर निस्वार्थ भाव से उन्होंने दबे कुचले न्याय के लिए भटक रहे लोगों का साथ दिया तथा उनकी लड़ाई लड़ी ।यही कारण है कि उन पर हुए हमले को लेकर वसई तालुका के समाजसेवी से लेकर राजनीतिक लोग वा पूरी पत्रकार बिरादरी एक जुट हो गयी है तथा तीर्व निंदा कर आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ने की मांग की जा रही है ।

इस घटना से मुम्बई ,ठाणे,पालघर,मीरा भयेन्द्र से पत्रकारों का अस्पताल में आने का सिलसिला सुरु है साथ ही कई सामाजिक संघटन के पद अधिकारी वा उनके कार्यकर्ता भी लगातार अस्पताल में उन्हें देखने को आ रहे हैं ।राजनीतिक लोगो ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है बीजेपी के जिला स्तर के कई नेता अब तक हॉस्पिटल में आ कर मिल रहे हैं इस घटना पर बीजेपी के पद अधिकारी शंकर झा वा ज़िला स्तर के पद अधिकारियों ने इस घटना की निंदा के साथ साथ पुलिस प्रसाशन से आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ कर कड़ी सजा देने की मांग की जा रही है ।

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