बीते एक सप्ताह से चल रहे जीवन शिक्षण शिविर का कल होगा समापन क्या है खास जाने

छिंदवाड़ा
रिपोर्टर
मनोज डोंगरे

जीवन शिक्षण सुसंस्कार शिविर का रविवार को समापन
राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज के सर्वधर्म समभाव के विचारों को जाना बच्चों ने

छिन्दवाड़ा मोहगांव हवेली / सौंसर
क्षेत्र में पहली बार ग्रीष्म कालीन अवकाश में बच्चों को सुसंस्कार एवं स्वस्थ जीवन मिले इस उद्देश्य को लेकर विगत रविवार से श्रीगुरुदेव सेवा मंडल मोहगांव हवेली द्वारा स्व. शालिग्राम डोमाजी वंजारी शिक्षा परिसर में भारतीय गुरुकुल पद्धति से आयोजित नि:शुल्क जीवन शिक्षण सुसंस्कार शिविर में शिविरार्थी बच्चों ने आदर्श दिनचर्या के साथ सुसंस्कार ग्रहण किया। इस शिविर का समापन रविवार को सायं 4:30 बजे से नवप्रशिक्षित बच्चों के प्रदर्शन के साथ होगा।

जीवन शिक्षण सुसंस्कार शिविर के आज सातवें दिन के सत्र में प्रातः 4 बजे से आदर्श दिनचर्या के साथ साथ सुसंस्कार एवं स्वस्थ शरीर के गुर तथा आत्मरक्षा हेतु लाठी-काठी, ढाल-तलवार, कराटे नि:शुल्क सिखाया गया। बौध्दिक सत्र में शिविरार्थीयों को गायत्री परिवार के नरेन्द्र हिंगवे ने भारतीय संस्कृति की विशेषताएं तथा आज के परिवेश में उसकी आवश्यकताएं बताई।

उन्होंने वर्तमान में पाश्चात्य संस्कृति के अनुकरण पर चिंता व्यक्त की। इस अवसर पर छत्रपति शिवाजी महाराज आई.टी.आई. कालेज के संचालक शिवाजी ठाकरे भी उपस्थित थे। नैतिक शिक्षा सत्र में ग्रामगीता विश्वविद्यालय भू-वैकुंठ अड्याळ टेकडी के संचालक सुबोधदादा ने देश में सुराज्य लाने हेतु राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज द्वारा लिखित ग्रामगीता ग्रंथ की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि, ग्रामगीता के सिध्दांतों पर चलकर ही देश संपन्न होगा।

महिला संगोष्ठी सत्र को भू-वैकुंठ अड्याळ टेकडी आश्रम की कार्याध्यक्ष सुश्री रेखाताई गुराडे ने अपने घर को मंदिर बनाने तथा परिवार को सुखी एवं संपन्न बनाने के सुत्र बताएं। इस अवसर पर शासकीय हाईस्कूल रझाड़ी पिपला की प्रिंसिपल श्रीमती ममता वंजारी भी प्रमुख रुप से उपस्थित थीं।


विगत सात दिनों से भारतीय गुरुकुल पद्धति से चल रहे इस जीवन शिक्षण सुसंस्कार शिविर का समापन रविवार को सायं 4:30 बजे नवप्रशिक्षित बच्चों के प्रदर्शन के साथ होगा। शिविरार्थी बच्चें यहां प्राप्त शिक्षा का प्रदर्शन करेंगे। शिविर आयोजन समिति के डॉ. गोपाल वंजारी, ज्योत्सना पात्रीकर, दिनकर येलकर, आनंद भाई कलम्बे, विठ्ठल गायकवाड़, केशव डंडारे, अरविंद येलकर, प्रभाकर वंजारी, शंकर सरोदे, अरुण खुलगे, श्रीमती रत्नमाला पिसे, गणेश मानकर आदि ने सभी प्रबुद्ध नागरिकों से समापन समारोह में उपस्थित होकर शिविरार्थी बच्चों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।

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