क्या शिवराज सरकार की सीएम राइज स्कूल योजना से भयभीत है शिक्षक गण?

छिंदवाड़ा
संवाददाता ;मनोज डोंगरे

स्कूल बचाने के लिए लड़ें शिक्षक, तभी बचेगी नौकरी:

छिंदवाड़ा। मप्र की शिवराज सरकार की सीएम राईज योजना ने जिले के 3242 स्कूलों के अस्तित्व पर संकट पैदा कर दिया है।
संकट सिर्फ स्कूलों पर ही नहीं हैं,
इनमें पड़ाने वाले शिक्षकों के ऊपर भी है, जो सीएम राईज स्कूलों के लिए ली जाने वाली परीक्षा का तो विरोध कर रहे हैं,
लेकिन बंद होने वाले स्कूलों पर खामोश हैं।
अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त मोर्चा की ओर से सीएम राईज स्कूलों में शिक्षकों की परीक्षा के विरोध पर असंगठित कामगार कर्मचारी कांग्रेस के जिलाध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने कहा कि परीक्षा का विरोध करके स्कूलों पर आ चुके संकट से नहीं निबटा जा सकता,
इसके लिए जरूरी है कि शिक्षक-कर्मचारी संगठन शिक्षा का केंद्रीयकरण करने वाली मोदी सरकार की नई शिक्षा नीति का समग्रता में विरोध करें।
चूंकि शिक्षा पर खतरा बड़ा है, इसीलिए इस खतरे के खिलाफ व्यापक एकता बनाकर लड़ा जाए, तभी सरकार को सीएम राईज योजना को वापस लेने के लिए मजबूर किया जा सकता है।
कामगार कर्मचारी कांग्रेस के अध्यक्ष वासुदेव शर्मा ने कहा कि हमारा संगठन एक साल से गरीब मजदूरों के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने वाली सीएम राईज योजना के विरोध में अभियान चला रहा है,
3242 स्कूल बंद करने की योजना के खिलाफ 3242 ज्ञापन जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर स्कूलों के प्राचार्यों को दिए जा चुके हैं, आने वाले दिनों में स्कूल बचाने के अभियान को तेज किया जाएगा।
अध्यक्ष शर्मा ने कहा कि चूंकि सरकारी स्कूलों में गरीबों, मजदूरों एवं निम्न मध्यमवर्ग के बच्चे पढ़ते हैं, सरकार सीएम राईज जैसी योजना लागू करके गरीब मजदूरों के बच्चों को शिक्षा से शिक्षा से वंचित करके सस्ते मजदूर बनाना चाहती है,
इसीलिए कामगार कांग्रेस ने सरकार की इस योजना का विरोध किया है।
शर्मा ने कहा कि भाजपा संघ सरकारें जिस गौरवशाली अतीत की बात करती हैं, उसमें लोगों के पास न शिक्षा थी और न ही दूसरे मानवीय अधिकार।
भाजपा चंद राजे-रजवाड़ों की संपन्नता को ही गौरवशाली मानती है और अब उसे पूरी बेशर्मी से लागू भी करना चाहती है। इसीलिए वह सीएम राईज जैसी योजना लाई है,
जिसके जरिए शिक्षा को चंद लोगों तक सीमित करके बहुमत आबादी को शिक्षा से वंचित कर दिया जाएगा ठीक वैसे ही जैसे आजादी से पहले स्कूल तो थे,
लेकिन वह सबके लिए नहीं बल्कि संपन्न लोगों के लिए थी, गरीब, मजदूर किसानों के बच्चे शिक्षित नहीं हो पाते थे।
शर्मा ने सभी शिक्षक, कर्मचारी संगठनों से सरकार की विनाशकारी सीएम राईज योजना के खिलाफ मिलकर लडऩे की अपील की है।
निवेदक
वासुदेव शर्मा
अध्यक्ष
कामगार कर्मचारी कांग्रेस, छिंदवाड़ा।

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