वह एक बूढ़ा बीमार व्यक्ति जिसके पैर लड़खड़ा रहे थे, ठीक तरह खड़े रहने की ताकत भी नही थी, टेक्सी का इंतजार था उसे, वो भी किसी लड़के के सहारे, इतने में जोर शोर से बारिश बरसने लगी,जिसके हालात का आंखो देखी मंजर वीडियो द्वारा खुद देखिए ।
हमने देखा कि एक माजूर अधेड़ व्यक्ति जो दस दिन तक अपनी बीमारी से ग्रस्त ICU में किसी प्राइवेट अस्पताल में एडमिट था। अस्पताल से छुट्टी पाकर अपने घर जाना चाह ता था। ये वीडियो मुंबई के जे जे सिग्नल से करीब बोहरी मोहल्ले के सामने मौलाना शौकत अली रोड पर स्थित का है। उस बूढ़े व्यक्ति को जिसे चलने और खड़े रहने की भी ताकत नही थी।दूसरे के सहारे बगैर ठीक से खड़ा भी नही रह सकता था। जाना था टेक्सी से मुंबई के अरब गली की तरफ उसकी मंजिल तक ।
करीब आधे घंटे से टेक्सी का इंतजार करते किसी युवक के सहारे खड़ा था। इतने में जोरो शोरो से बारिश बरसने लगी। भीगते हुए भी टेक्सी पकड़ना चाहा लेकिन इस रोड पर इतनी सारी टेक्सी वाले आ रहे और जा रहे थे। इस मंजर को देख कर भी कोई किसी टेक्सी वाला उसकी मदद को नही आता देख किसी स्कूटर को खड़ी कर उस युवक ने वहां उसे बिठा दिया। रोड क्रॉसिंग करने की कोशिश की लेकिन उस बूढ़े व्यक्ति के पैर लड़खड़ा ने लगे।टेक्सी वाले को हाथ दिखा कर बुलाने पर भी कोई नही आया। भारी बारिश में टेक्सी के इंतजार में आधा घंटा बीत गया लेकिन टेक्सी नही मिली।
आखिरकार हमारे मीडिया डीटेक्शन प्रेस के पत्रकार जैनुल आबेदीन ने ये मंजर अपने रहते हुए मकान के तीसरे माले की खिड़की से देखा तो उस से रहा नही गया। उसके रहते हुए मकान अकबर मेंशन के तीसरे माले से नीचे उतर कर मौजूदा जगह पर पहुंच गया और उस मजबूर की मदद करने के वास्ते जल्दी से किसी टेक्सी वाले को ले आया। वह युवाई और दोनो लोगों ने उस माज़ूर को जैसे तैसे टेक्सी में बिठा दिया। फिर तुरंत ही टेक्सी के पीछे से स्कूटर दौड़ाकर युवक उस व्यक्ति की मदद के लिए अरब गली तक चला गया। तब तक थोड़ी बारिश कम हों चुकी थी।आंखो देखी मंजर
इस घटना का सीन,
वीडियो में देखिए। सोचिए इंसानियत बची भी है या मर गई ?
एडमिन