जूते चाहे हजार पड़े तमाशा घुसकर देखेंगे,बिल्कुल यही हालात है मोदी सरकार की

विशेष संवाददाता

नालायकी का एक और तमाशा!

एक मुहावरे में कहा गया है कि ‘जूते चाहे हजार पड़ें, तमाशा घुसकर देखेंगे’ बिल्कुल यही हाल रहा है मोदी सरकार का। ताज़ा मामले में केंद्र सरकार ने पहले तो अपनी ओर से ‘इंडिया बनाम भारत’ का तमाशा खड़ा किया। उसके मंत्रियों और पार्टी नेताओं ने इंडिया को लेकर खूब अनाप-शनाप बोला लेकिन जब मामला संयुक्त राष्ट्र संघ तक पहुंच गया है। विपक्षी दलों सहित सारे देश से सरकार की खूब लानत-मलामत शुरू हो गई और पाकिस्तान से इंडिया नाम अपनाने की बातें होने लगीं तो, जैसा कि कम अकल लोगों के मामले में अक्सर होता है, दांव उल्टा पड़ता देख सरकार ने भी मार ली पलटी।

बात हो रही है G20 सम्मेलन की,जिस में शामिल होने को दिल्ली आने वाले मेहमानों को रात्रि-भोज देने के लिए राष्ट्रपति मुर्मू ने बीते दिनों एक दावत नामा भेजा था। जिसमें पहली बार रिपब्लिक ऑफ इंडिया की जगह रिपब्लिक ऑफ भारत लिखा गया था। इसके बाद से ही देश के नाम को बदलने को लेकर बहस शुरू हो गई है।

भारत और इंडिया सम्बंधी खड़े हुए बखेड़े के बीच केंद्र सरकार ने बीते दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे को लेकर अपने आधिकारिक नोट में बड़ा बदलाव किया था। इसके तहत मोदी के इंडोनेशिया दौरे के आधिकारिक नोट पर ‘The Prime Minister Of BHARAT लिखा गया था।

जैसा कि हमने पहले भी लिख चुका दिया है कि बात का संयुक्त राष्ट्र संघ तक जाना तय हो चुका है तो इस विवाद के बीच अब संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) ने कहा है कि यदि हमें ‘इंडिया’ का नाम बदलने को लेकर सरकार की तरफ से कोई अनुरोध मिलता है तो हम उसे स्वीकार करेंगे। नाम बदलकर भारत किया जा सकता है!

भारत सरकार के इस अविवेक और अदूरदर्शिता की प्रतिक्रिया में पाकिस्तान के राजनेताओं, बुद्धिजीवियों और सोशल एक्टिविस्टों ने भी मुद्दा तुरंत लपक लिया ‘इंडिया’ पर अपना दावा ठोक दिया।

दूसरी ओर देश-विदेश में सरकार के इस बदलाव को देखते ही वास्तविक राष्ट्रवादी विचारधारा वाले लोगों के बीच हुई थू-थू से घबराकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्री परिषद की बैठक में गत बुधवार 6 सितंबर को भारत और इंडिया विवाद पर मंत्रियों को चुप रहने की हिदायत दी है।
जबकि इंडिया बनाम भारत विवाद पर केंद्रीय कैबिनेट मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, नाम बदलने की बात कोरी अफवाह है और इसे कौन फैला रहा है?

“गोली मारो सा. को का आह्वान करने वाले अनुराग ठाकुर भले ही राष्ट्रपति द्वारा रात्रि-भोज के दावत नामा और प्रधानमंत्री मोदी के इंडोनेशिया दौरे के आधिकारिक नोट पर ‘इंडिया’ की जगह ‘भारत’ लिखने को भी अफवाह कहें लेकिन ठेठ देसी अंदाज में इसे जूते खाकर तमाशा देखने की आदत कहा जायेगा। क्योंकि हर बार तपस्या में कमी रहने से लोगों को अपनी बात समझाने में असफल होने का झांसा नहीं चलेगा। ये पब्लिक है सब जानती है।

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