इधर इस लॉज में अक्सर करवाया जा रहा था गंदा काम

मुंबई
संवाददाता

काशीमीरा के दो लॉजों में करवाया जाता था गंदा काम.

मुंबई…मीरा-भायंदर के लॉजो और होटलों में धड़ल्ले से चल रहे देह-व्यापार का एक और मामला सामने आया है। उल्लेखनीय है कि कांदिवली के चारकोप पुलिस स्टेशन से जुड़े अधिकारियों ने काशीमीरा हाइवे के पास स्थित- दो होटलों पर छापा मारकर क्रमश: चार और एक महिला को देह व्यापरियों के चंगुल से छुड़वाया। होटल के संचालकों (मैनेजर) के खिलाफ स्त्रियों तथा लड़की अनैतिक व्यापार प्रतिबंध अधिनियम, (पीटा ऐक्ट) १९५६ की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

बता दें कि छुड़ायी गई महिलाओं में शामिल एक वर्षीय पीड़िता ने पूरे रैकेट का खुलासा करते हुए काशीमीरा पुलिस स्टेशन में 34वर्षीय महिला पीड़ित ने अपनी आपबीती पर बयान देते हुए होटल के संचालकों के खिलाफ अपनी अलग शिकायत दर्ज करवाई है। पीड़िता का आरोप है कि उसे और उसके जैसे सात से आठ गरीब और असहाय महिलाओं को संचालक और एक व्यक्ति कथित रूप से लॉज के एक कमरे मे छिपा के रखते और देह व्यापार करने को मजबूर करते थे। ग्राहकों से तीन से चार हजार रुपए लेकर पीड़ितों को एक मात्र हजार रुपए देते।

शिकायतकर्ता के अनुसार वो दो महीने पहले नौकरी मांगने सूर्यप्रकाश लॉज गई तो उसे वहां के संचालक ने सेक्स वर्कर का काम करने के लिए उकसाया। एफआईआर में ये भी आरोप है कि विरोध करने पर पीड़ितों को जान से मारने और समाज में बदनाम करने की धमकी भी दी जाती थी।

शिकायत का संज्ञान लेते हुए काशीमीरा पुलिस ने होटल के मैनेजर के खिलाफ स्त्रियों तथा लड़की अनैतिक व्यापार प्रतिबंध अधिनियम, (पीटा ऐक्ट) 1956 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल, मामले की जांच जारी है।
लाज के उजागर मामले के कारण इर्द गिर्द में मौजूद कई अन्य लॉज के बारे में भी पुलिस की जांच टीम को संदेह है कि हो सकता है यह भी कुछ ऐसे ही कई आपराधिक मामले उजागर हो सकते है।

संवाद:शेख अल्ताफ ,

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