बाहरी व्यक्ति नेता बनकर दे रहा आंदोलन छेड़ देने की चेतावनी,इस कारण उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन को छूट रहे पसीने
लखनऊ
संवाददाता
वाह रे उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन
बाहरी व्यक्ति नेता बन कर दे रहे है आन्दोलन धमकी डरा उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन प्रबंघन बैक फुट पर
लखनऊ 20 नवम्बर : उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन मे पहले से ही अवैध रूप से अनुभवहीन बड़केबाबुओ की फौज ने पहले ही उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन और उसकी सहयोगी कम्पनीयो के प्रबन्धको के पद पर कब्जा कर रखा है और अब इनकी अनुभवहीनता का फायदा कुछ खास संगठन उठा रहे है।
यह संगठन कभी अखबारो व सोशल मीडिया के द्वारा विरोध दर्ज कराते हुए हमेशा सर्खियो मे बने रहते है। एक संगठन विषेश के नेता जी उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन के उस प्रस्ताव का विरोध करते है जिसमे निदेशको की सेवानिवृत्त या तैनाती पाँच साल का करने का प्रस्ताव है और दूसरी तरफ उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग मे याचिकाऐ लगाते है ।
वही दूसरी तरफ एक सविदा निविदा कर्मचारियो का एक संगठन जिसको कि एक सेवानिवृत्त कर्मचारी चला रहा है और उसके प्रमुख महामंत्री सविदा के मामले मे अनशन करने जा रहे है। जब कि इन दोनो संगठन के नेताओ का इस पावर कार्पोरेशन से दूर दूर तक लेना देना नही है।यहा तक कि दोनो सविदा या निविदा कर्मी भी नही है कर रहे है विभागीय नेतागीरी। जब कि निविदा कर्मचारी नेता को यह तक तो मालूम नही कि जिस सविदा / निविदा कर्मचारियो कि नियुक्ति ना तो विभाग करता है ना ही उनको हटाने का अधिकार विभाग के पास है। परन्तु पूर्व मे अवैध रूप से नियुक्त बडकऊ ने हजारो सविदा कर्मचारियो को अपने आदेश से बर्खास्त कर दिया था।
जब इन बडका बाबूओ को यह ही नही मालूम कि नियुक्ति और निष्कासन वही करता है जिसने नियुक्ति की होती है। परन्तु यहाँ तो उल्टी गंगा बहती है। एक तरफ संगठन के यह अधिकारी पहले आदोलन करते है तो एक विषेश वर्ग हाथो मे काली पट्टी बाध कर इनका साथ देता और दूसरे संगठन के नेता जी ज्ञापन देने के बहाने बडका बाबुओ को अपनी शक्ति दिखाते है। फिर इन्ही बडका बाबूओ को इन्ही सविदा कर्मियो से चंदा लेकर अपने सम्मेलन मे बुला कर सम्मानित कर अपनी मतलब की रोटिया सेकते ।
यह नेतागण एक तरफ बडका बाबूओ को अपनी संगठन की शक्ति से डराते है और दूसरी तरफ इनके साथ अपनी फोटो खिचा कर उनको बडा सा फ्रेम कर आफिस मे लगा कर इन संगठन के लोगो पर यानि अपने ही लोगो पर रौब गाठते है यानि इनकी ना हींग लगे ना फिटकरी रंग चोखा ही चोखा । खैर
साभार : अविजित आनन्द