यहां बम कांड के आरोपियों की जान को खतरा मंडरा रहा है
मुम्बई
संवाददाता
बमकांड के आरोपी को लगता है डर!
मुंबई…आर्थर रोड जेल में अक्सर गैंगवॉर की घटनाएं होती रहती हैं। यहां ‘डी’ कंपनी, छोटा राजन और अरुण गवली के खूंखार शूटर जेल में सजा काट रहे हैं। जेल में अपना वर्चस्व जमाने के लिए ये अपराधी एक-दूसरे को धमकियां तो देते ही हैं, साथ ही जानलेवा हमला भी करते हैं।
ताजा घटना में 1993 के मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट के आरोपी को जेल में धमकी मिली है। ब्लास्ट का आरोपी मूसा मुनाफ अब्दुल मजीद ने कहा है कि उसे प्रतिद्वंद्वी गैंग से जान का खतरा है इसलिए उसे हाई सिक्येरिटी वाले अंडा सेल में रखा जाए।
मूसा को भले ही सामन्य सेल में डर लग रहा है, लेकिन अंडा सेल में भी उसकी जान खतरे में पड़ सकती है, क्योंकि वहां भी कई खतरनाक अपराधी रखे गए हैं।
बिश्नोई गैंग के 20 गुर्गे
हाई सिक्योरिटी वाले अंडा सेल में बिश्नोई गैंग के 20 सदस्यों को रखा गया है, जिनमें से 15 आरोपी बाबा सिद्दीकी मर्डर केस से जुड़े और 5 आरोपी सलमान खान के बंगले पर फायरिंग करने वाले हैं।
राजन गिरोह से खतरा
मूसा ने प्रतिद्वंद्वी गैंग से डर का जिक्र किया है। असल में उसका इशारा छोटा राजन गिरोह की तरफ है। छोटा राजन गिरोह ने साल 1998 से 2001 के बीच=6 बमकांड के आरोपियों को गोली मारी थी।
अंडा सेल में भी भीड़
मूसा को 2020 में 1993 सीरियल बम धमाके के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। तभी से वह आर्थर रोड जेल में सजा काट रहा है। हाल ही में उसने कोर्ट में अर्जी डालकर कहा है कि वह जिस सेल में है, वहां उसकी जान को खतरा है। ऐसे में उसे अंडा सेल में रखा जाए।
जेल अथॉरिटी के मुताबिक, मूसा को अंडा सेल में और भी खतरा हो सकता है, क्योंकि वहां छोटा राजन के अलावा प्रसाद पुजारी, उदय पाठक और लॉरेंस बिश्नोई के शूटरों को रखा गया है।
आर्थर रोड में ठसमठस…
999 की क्षमता में
ठूंस डाले 3,461 कैदी!
आरोपी की सुरक्षा को खतरा, दूसरे जेल में शिफ्ट करने की मांग
बमकांड के एक कैदी को आर्थर रोड जेल में मौत का डर सता रहा है। उसने कोर्ट में अर्जी डालकर कहा है कि असे अंडा सेल में शिफ्ट कर दिया जाए। मूसा की अर्जी पर जेल अधीक्षक ने कहा है कि सामन्य सेल में 1000, कैदियों को रखने की क्षमता है, वहीं मौजूदा स्थिति में 3,461वैâदी हैं और हाई सिक्येरिटी वाले अंडा सेल की बात करें तो वहां 31 कैदियों को रखने की जगह है, जबकि वहां फिलहाल 43 वैâदियों को रखा गया है।
मूसा को गैंगवॉर का डर सता रहा है। हालांकि, आर्थर रोड जेल में कोई बड़ा गैंगवॉर नहीं हुआ है।
एल्यूमीनियम की प्लेट, स्टील का चमचा और टिफिन बॉक्स को हथियार बनाकर गैंग के सदस्यों ने एक-दूसरे पर जानलेवा हमले किए हैं। 2016 में सुबह करीब 11 बजे शेट्टी और सलीम खान नामक दो आरोपी के कैदियों ने एक-दूसरे पर ब्लेड और धारदार हथियार से हमला किया था। शेट्टी को मकोका के तहत अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया था और खान पर हत्या के प्रयास के मामले में मुकदमा चल रहा था।
संवाद;अल्ताफ शेख