भारत में साल 2019से लेकर 2022तक 13लाख से भी ज्यादा महिलाएं हुई लापता ,आखिर इतनी बड़ी तादाद में लापता महिलाएं कहा गायब है?

साबिका पुलिस महासंचालक, (संशोधन व विकास विभाग) द्वारा आखिरकार ला पता महिलाए जाती कहा है? इस शिर्षक को लेकर प्रसिद्ध लेख

देश भर में वर्ष 2019 से लेकर 2022सिर्फ तीन साल में तकरीबन 13 लाख से भी अधिक महिलाए लापता होने की खबर से चारो तरफ हड़कंप मची है। गौर तलब है कि लापता महिलाओ में सबसे ज्यादा तर महिलाए मध्य प्रदेश इलाके से पाई गई है। उस से नीचे इनका लापता होने में पश्र्चिम बंगाल और महाराष्ट्र का नंबर आता है।

लापता तादाद में 18 वर्ष से अधिक उम्र वाली लड़कियों या महिलाओं की संख्य 10 लाख 61 हजार 648 बताई जा रही है।इनमें से कम उम्र वाली लापता लड़कियों की तादाद 2 लाख 52हजारऔर 430 आंकी गई है।वैसे तो.1 लाख 78 हजार 400 महिलाए तथा 13 हजार33 लड़किया सिर्फ महाराष्ट्र क्षेत्र से लापता होने का मामला उजागर हो रहा हैं। यह जानकारी केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा संसद में दी गई है। मौजूदा देश भर मै इस तरह से महिलाए
और लड़कियों के प्रमाण बेहद ही चौका ने वाले साबित हो सकते है। यूं ही नही यह मामला बेहद ही चिंताजनक और गंभीर बताया गया है ये, भी जान लेना जरूरी है।

ध्यान देने वाली बात ये है कि लापता होने की शिकायत मिलने के बाद उन्हे खोजने और पता लगाने की कोशिश पुलिस द्वारा अक्सर की जाती है। परंतु. इनकी खोजबिन में पुलिस टीम को महिला व लड़कियों का असली पता तथा गायब होने की बात के पीछे पर्सनल प्रकरण की भी जानकारी पुलिस, के हाथ लगी है। जिसमे खास कर पारिवारिक कलह, तो कही अपराधिक रॅकेट की वजह शामिल होने की बात सामने आई है।

कुछ फेमिली की कई लड़किया .खुद की फेमिली से ही नाखूष और नाराज होने के मामले प्रकट हो रहे है।जिनके साथ उन लड़कियों को अगर शादी करना है तो उन्हें उनके परिवार के लोग इजाजत देना नही चाहते . इस कारण ऐसी कई लड़किया घर छोड़कर भाग जाती है । तो कही महिलाए, और लड़कियों को महानगरीय जीवनशैली का लालच दिखा कर उन्हे बरगलाया जाता है ऐसे में उनके झांसे में आकर अपने घरवालों का त्याग करने को तैयार होती है।इस तरह . शहरी अमीरी जीवन जीने को लालसा में इस दौर की ऑनलाइन रीत रिवाज और् अमीरी तबके का जीवन, रहन सहन अलावा सोशल मीडिया भी इनके गायब होने कान एक खासे कारण बन गया है।.कही पर पारिवारिक हिंसाचार का शिकार होना पड़ता है तो कही अच्छा जीवन साथी की खोज में घर से भागने पर मजबूर होती है।

दुनिया दारी के आज के बदलाव के दौर में लड़कियों व महिलाए इंटरनेट,सोशल मीडिया का ज्यादातर इस्तेमाल कर रही है।इसका भी इनका लापता होने पर बड़ा प्रभाव पड़ रहा है। हालांकि, कई फेमिली मैं कोई बदलाव नही बल्कि अधिकतर लड़कियां को आजादी ज्यादा पसंद होती है इस कारण ऐसी लड़कियां हो या महिलाए घर से भाग जाती है । ऐसी लापता महिलए और लड़कियां उनकी पसंदीदा पुरुष प्रेमियों, लड़कों के साथ,रेल्वेस्थानक,बस स्टँडसह सार्वजनिक अथवा प्राइवेट स्थान,या गेस्ट हाउस पर पाई जाती है। तो कभी कभार वेश्याव्यवसाय की दलदल में फंसी हुई हैं। इस तरह के मामलात में जवान कमसिन लड़किया और महिलांओ का लैगिक शोषण तथा मानवी तस्करी यह भी सबसे बड़ी धोकादायक समस्या बनी हुई है।

हालांकि लापता गायब हुई महिलाए और लड़कियों की खोज की जिम्मेदारी पुलिस पर निश्र्चित ही है।इस लिए पुलिस यंत्रणा द्वारा शिकायत मिलने पर ही लापता महिलाएं, और लड़कियों की तलाश जल्द गति से शुरू की

जाती है।

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