बीजेपी सच को छुपा रही है, पीएम को गाली देनेवाला उनकी पार्टी का कार्यकर्ता है
राहुल गाँधी ने अपने पिता के हत्यारों को माफ कर दिया, जिसने 11 साल तक खुद को दी गालियों का कभी जवाब नहीं दिया, जिसने अनेकों बार भरे मंच से अपनी मां को अपशब्द कहने की शिकायत नहीं की, उस पर गाली दिलवाने का इल्जाम है। जो देश में घूम-घूम कर हजारों लोगों को गले लगाता फिरता है, उस पर इल्जाम लगाया जा रहा है कि दिवंगत मां को गाली दिलवा दी। क्या इल्जाम विश्वसनीय है?
अपमान कैसे हुआ? किसने किया?
जिस रास्ते से राहुल गांधी की यात्रा गुजरनी थी, उसी रास्ते पर कार्यकर्ताओं ने स्वागत मंच बनाया गया था। उस मंच पर कोई नेता मौजूद नहीं था। यात्रा वहां से आगे निकल चुकी थी। जो स्थान पहले से तय नहीं है, वहां राहुल गांधी या तेजस्वी यादव के रुकने का सवाल ही नहीं है।
वहां कार्यकर्ताओं के बीच किसी तत्व ने घुसकर आपत्तिजनक नारा लगाया और पूरी बीजेपी उसे ले उड़ी। और अब दंगा फसाद कर रहे हैं। क्यों न माना जाए कि यह प्रायोजित था? जहां पर कोई नेता मौजूद ही नहीं है, वहां पर जो हुआ उसके जिम्मेदार राहुल गांधी या तेजस्वी कैसे हो गए?
असल में वोट चोरी के मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए तरह-तरह के उपक्रम किए जा रहे हैं। इस मामले में कोई कार्रवाई के बजाय इसे चुनावी मुद्दा बनाया जा रहा है। जिस बिहार में लाखों करोड़ों माताएं अपने बच्चों को मजदूरी करने परदेस भेजने और तंगी में बसर करने को अभिशप्त हैं, वहां पर एक मृतात्मा के अपमान को मुद्दा बनाया जा रहा है। सवालों का जवाब देते नहीं बन रहा है तो मां-बहन पर उतर आए हैं। यही इनकी प्रतिभा है।
जिनकी पहचान खुद सबसे अभद्र प्रधानमंत्री की है, दर्जनों बार खुले मंच महिलाओं को अपमानित कर चुके हैं, उनकी माता जी का नाम बार-बार गंदी राजनीति में ये खुद घसीटते हैं। अब देहांत के बाद भी उनकी आत्मा को चैन नहीं लेने दे रहे हैं। इसमें हैरानी कैसी?
जो व्यक्ति अपनी कुर्सी के लिए इतने बड़े लोकतंत्र को बंधक बना सकता है, वह अपनी वोट चोरी के मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए किसी भी हद जा सकता है। सावधान रहें! सतर्क रहे। पीएम मोदी को गाली देने वाला शख्स बीजेपी आईटी सेल और अल्पसंख्यक सेल का डबल एजेंट रहा है। यह तस्वीर इसका गवाह है। पीछे बैठ मुंह बना रहा शख्स राजा माचिस है।
गालियां देने की साजिश इसने राजा के साथ बनाई थी। सवाल यह खड़ा होता है कि किसी शख्स द्वारा गरियाए जाने की पूर्व जानकारी क्या विश्वगुरु को पहले से थी?
साभार:पिनाकी मोरे