नींद में गाफिल अफसरों की खुली नींद तो 42प्रतिष्ठानों का खुला काला सच
मुंबई
रिपोर्टर
अल्ताफ शेख
नींद से जागे जिम्मेदार अफसर तो ४२ प्रतिष्ठानों की जांच में खुला काला खेल
मुंबई…महायुति सरकार की नरमी और जिम्मेदार अफसरों की गहरी नींद का नतीजा यह है कि त्योहारों की खुशियों में जहर परोसा जा रहा है। सड़कों पर खुलेआम मिलावटी मिठाइयां बिक रही हैं और उपभोक्ताओं की सेहत के साथ निर्लज्ज खिलवाड़ हो रहा है। इस बीच जब एफडीए की ओर से कार्रवाई हुई तो 218 किलो नकली पनीर और 478 लीटर जहरीला दूध बरामद कर नष्ट करना पड़ा। 42 प्रतिष्ठानों की जांच ने मिलावटखोरी का काला खेल उजागर कर दिया है।
त्योहारों के मौसम की शुरुआत के साथ ही एफडीए ने मुंबई में मिलावटखोरी के खिलाफ अपनी सतर्कता बढ़ा दी है। 11 अगस्त से अब तक अधिकारियों ने 42 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया है। प्रयोगशाला परीक्षण के लिए 55 खाद्य नमूने एकत्र किए हैं और विशेष छापों के दौरान 218 किलोग्राम मिलावटी पनीर और 478 लीटर दूषित दूध नष्ट किया है।
एंटॉप हिल में मिलावटी पनीर जब्त।
एंटॉप हिल में पुलिस के साथ मिलकर की गई एक बड़ी कार्रवाई में एफडीए अधिकारियों ने बिना लेबल के बेचे जा रहे एनालॉग चीज को जब्त किया। खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए रख लिए गए, जबकि शेष 218 किलो चीज को बाजार में पनीर के रूप में बेचे जाने से रोकने के लिए मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। एफडीए के संयुक्त आयुक्त (खाद्य) मंगेश माने ने पुष्टि की कि नष्ट किए गए चीज की अनुमानित कीमत 54,625 रुपए है।
दहिसर में 478लीटर दूषित दूध नष्ट
दहिसर में एक अन्य मामले में विभिन्न ब्रांडों के दूध में मिलावट करने वाले एक मिलावटखोर को पकड़ा गया, जिसके परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं के लिए असुरक्षित समझे गए 478 लीटर दूध को जब्त कर नष्ट कर दिया गया।
फेरीवालों से खरीदारी के खिलाफ चेतावनी
माने ने कहा कि फेरीवालों या सड़क किनारे विक्रेताओं से मिठाइयां और अन्य खाद्य पदार्थ खरीदने के प्रति भी आगाह किया, क्योंकि ऐसे उत्पाद अक्सर गुणवत्ता जांच से बच जाते हैं। पैकेज्ड उत्पादों के लिए उपभोक्ताओं को प्रामाणिकता सुनिश्चित करने के लिए पैकेजिंग विवरण जैसे सीरियल नंबर, कोड, मॉडल नंबर, ट्रेडमार्क और पेटेंट जानकारी की जांच करनी चाहिए।