धड़ल्ले से चल रहा है डांस बारों में बांग्ला देशी लड़कियों का देह व्यापार
मुंबई; संवाददाता
डांस बारों में बांग्लादेशी बालाओं का देह व्यापार! …फर्जी दस्तावेजों के साथ धड़ल्ले से चलता कारोबार.
मुंबई…महायुति सरकार के राज में मुंबई के डांस बारों में बड़ी संख्या में बांग्लादेशी बालाएं एक्टिव हैं। इनमें से ज्यादातर देह व्यापार से जुड़ी हुई हैं।
आश्चर्य की बात है कि पुलिस को भी इसकी जानकारी है, मगर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
बताया जाता है कि इन बांग्लादेशी बार बालाओं ने फर्जी दस्तावेज बनवा रखे हैं और खुद को भारतीय बताती हैं। पुलिस को भी इस बात की जानकारी है मगर उसकी मिलीभगत से ही यह धंधा फल-फूल रहा है।
बता दें कि महाराष्ट्र सरकार ने कानून लागू किया है कि व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में अगर अवैध बांग्लादेशी काम करते पाए जाएंगे तो उनके मालिकों को जिम्मेदार ठहराया जाएगा। इसके अलावा फर्जी दस्तावेज के आधार पर महाराष्ट्र में रह रहे बांग्लादेशियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बावजूद इसके व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में बेरोक-टोक अवैध बांग्लादेशी खुलेआम काम कर रहे हैं। खासकर, मुंबई में अवैध रूप से चलनेवाले डांस बारों में ये बांग्लादेशी लड़कियां सेक्स परोसने का काम कर रही हैं।
कम रेट पर सौदा करती हैं बांग्लादेशी बालाएं!
मुंबई में आर्केस्ट्रा बार के नाम पर चलनेवाले अवैध डांस बारों में बांग्लादेशी बालाएं धड़ल्ले से धंधा कर रही हैं। इन अवैध बांग्लादेशी लड़कियों ने फर्जी दस्तावेज के सहारे अपने आप को हिंदुस्थानी बना लिया है। ये काफी कम रेट पर अपने जिस्म का सौदा करती हैं, जिससे इनकी अच्छी-खासी डिमांड बनी हुई है।
इनकी करतूतों के पीछे किसी और का नहीं, बल्कि बार मालिकों और दलालों का हाथ हैं।
ऑकेस्ट्रा के नाम पर चलनेवाले इन अवैध डांस बारों में संगीत चलने के दौरान बांग्लादेशी लड़कियां अर्धनग्न अवस्था में खड़े रहकर ग्राहकों को लुभाने का काम करती हैं।
बता दें कि साल २००५ में तत्कालीन महाराष्ट्र सरकार ने डांस बारों पर प्रतिबंध लगा दिया था। उसके बाद उन्हीं डांस बारों को आर्केस्ट्रा बारों में तब्दील कर लाइसेंस जारी कर दिए गए। इन दिनों मुंबई में ३०० से ज्यादा आर्वेâस्ट्रा बार चल रहे हैं। असल में डांस बारों पर जब प्रतिबंध लगा तो बहुत-सी बार गर्ल अपने गांव, बिहार, ओडिसा और झारखंड और कुछ दुबई चली गर्ईं।
डिमांड में गरीब लड़कियां
मुंबई में जब दोबारा आर्वेâस्ट्रा बार शुरू हुआ तो पुरानी लड़कियां लौटकर नहीं आईं, क्योंकि आर्वेâस्ट्रा बारों में वह कमाई नहीं थी। ऐसे में बांग्लादेश की गरीब लड़कियों की डिमांड बढ़ गई। इन लड़कियों को दलाल अवैध रूप से भारत में प्रवेश कराकर मुंबई और महाराष्ट्र के आर्वेâस्ट्रा बारों तक पहुंचाते हैं। आर्वेâस्ट्रा बार मालिकों के लिए बांग्लादेशी लड़कियां ज्यादा फायदेमंद साबित हुईं, क्योंकि ये कम पैसों में जिस्म बेचने को तैयार हो जाती हैं।
साभार;अल्ताफ शेख