देश के पीएम की मां को गाली देना बेहद ही निंदनीय, किसने दी गाली
विशेष
संवाददाता
लौट के आतीं सदाएं :-
कल राहुल गांधी की “वोट अधिकार रैली” में पब्लिक में से किसी ने चिल्ला कर देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मां की गाली दी जिसे माइक ने कैच किया..
यह निंदनीय है, नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं, पूरी दुनिया उनके आगे झुकती है , जहां वह जातें हैं पूरी दुनिया उन्हें सुनने आती है , उनको मां को गाली देना बिल्कुल उचित नहीं , वह भी तब जब नरेंद्र मोदी की मां हीराबेन इस दुनिया में नहीं हैं।
और प्रधानमंत्री की मां ही क्यों किसी की मां को गालियां देना बिल्कुल उचित नहीं है, इस देश में हर मर्द आपसी झगड़े, या विवाद के बीच एक दूसरे की मां बहन बेटियां खोदने लगता है।
यह समाज में गिरावट का प्रतीक है…कभी बड़ी से बड़ी दुश्मनी में दोनों दुश्मनों द्वारा भी कहा जाता था कि
बहन बेटियां सांझी होती हैं”और मां तो बड़े से बड़े दुश्मन की भी मां होती रही हैं।दुश्मनी में उन्हें क्यों बीच में लाना? जो खोदना है फाड़ना है, एक दूसरे की फाड़ो , मारो।
इसलिए मेरी मांग है कि भीड़ के बीच उस व्यक्ति की पहचान हो , उसे गिरफ्तार किया जाए और उसका पिछवाड़ा सरे आम तोड़ा जाए.. क्योंकि बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मां की ही नहीं बात सिर्फ “मां” की है। मगर राजनीति में गाली संस्कृति के जनक भी संयोग से नरेंद्र मोदी ही हैं।
दरअसल इस देश में राजनीति के स्तर को पतन में ले जाने का कोई एक व्यक्ति सबसे अधिक ज़िम्मेदार है तो वह नरेंद्र मोदी ही है।.
राजनीति में उनके द्वारा गिराई भाषा ही पलटकर आज उन तक आ रही है , हालांकि लोगों को ऐसा नहीं करना चाहिए, मगर भाषा की सीमा तो नरेंद्र मोदी ने ही पिछले 23 सालों में खुद तय की है। उन्होंने किसी की मां का सम्मान कब किया.?
2002 के भीषणतम दंगों के तुरंत बाद दिसंबर में आयोजित गुजरात विधानसभा चुनाव में गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंच से मुस्लिम मांओं को क्या कहा था?
“बच्चा पैदा करने की मशीन”.
इसके बावजूद कि उनकी मां हीराबेन की 7 औलादें हैं। सवाल यह है कि क्या एक मां “बच्चा पैदा करने की मशीन है” ? उसमें ना मातृत्व है ना ममता है ना भावना है ? तो सबसे पहले नरेंद्र मोदी को अपनी चलाचली की बेला में मुसलमानों की उन मांओं से माफ़ी मांगनी चाहिए जिन्हें उन्होंने “बच्चा पैदा करने की मशीन” कहा था।.
अगले 11 साल तक गुजरात के मुख्यमंत्री रहते नरेंद्र मोदी ने हर चुनाव के पहले मुसलमानों और उनकी महिलाओं को लेकर अभद्र टिप्पणी की. उदाहरण दर्जनों हैं।
इसी विधानसभा चुनाव में गौरव यात्रा अभियान चलाया गया जिसमें नरेंद्र मोदी ने कहा
सोनियाबेन एक जर्सी गाय हैं, और राहुल एक हाइब्रिड बछड़ा हैं।”
दरअसल जर्सी गाय , इंग्लैंड और फ्रांस के बीच स्थित एक छोटे से द्वीप “जर्सी” के पशुपालकों की उत्पत्ति है। जर्सी गाय दिन में 25 लीटर तक दूध देती जिसमें वसा और प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है।
समझिए कि नरेंद्र मोदी सोनिया गांधी को क्या कहना चाहते थे? यह एक मां का अपमान था.उसके दूध का अपमान था जिसे पीकर हम सबने पहली बार अपनी आंखें खोलीं , नरेंद्र मोदी ने भी खोली होंगी।
तो सबसे पहले तो नरेंद्र मोदी को सोनिया गांधी से माफी मांगनी चाहिए.और एक इंसान को जानवर कहने के लिए उन्हें राहुल गांधी से माफी मांगनी चाहिए।
इसके बाद नरेंद्र मोदी 28 अक्टूबर 2012 को हिमाचल प्रदेश के ऊना में एक चुनावी रैली के दौरान तत्कालीन केंद्रीय मंत्री शशी थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर को “50 करोड़ की गर्लफ्रेंड” कहा और किसी की पत्नी और एक महिला की कीमत लगाई और कहा
“वाह, क्या गर्लफ्रेंड है! आपने कभी 50 करोड़ की गर्लफ्रेंड देखी है?”
सुनंदा पुष्कर तो अब जीवित नहीं तो सबसे पहले तो नरेंद्र मोदी को शशि थरूर से माफी मांगनी चाहिए.
2013 में नरेंद्र मोदी ने गुजरात में मध्यम वर्ग की महिलाओं की आलोचना की और कहा कि “सौंदर्य के प्रति जागरूक” मां अपनी बेटी को दूध पीलाने से मना करती हैं क्योंकि उसे शरीर के मोटे होने का डर होता है।
सबसे पहले तो नरेंद्र मोदी को उन मांओं से माफी मांगनी चाहिए।
इसके बाद नरेंद्र मोदी ने मुसलमानों की तुलना कुत्ते के बच्चे से की मतलब कि एक मुस्लिम मां कुत्ते के पिल्ले को जन्म देती है।
नरेंद्र मोदी यहीं नहीं रुके, 4 दिसंबर 2018 को राजस्थान के जयपुर में एक चुनावी रैली के दौरान नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की विधवा सोनिया गांधी को “कांग्रेस की विधवा” कहा..
ये कांग्रेस की कौन सी विधवा थी, जिसके खाते में रुपया जाता”
कांग्रेस की विधवा का अर्थ आप समझिए।
इसके बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को “दीदी ओ दीदी” , कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी को “सूरपनखा” कह कर संबोधित किया…
2015 में नरेंद्र मोदी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मां के चरित्र पर सवाल उठाए और कहा “इनका DNA खराब है”।
16 जनवरी 2020 को प्रधानमंत्री पद पर आसीन नरेन्द्र मोदी ने IMA अर्थात Indian Medical Association पर आरोप लगाया कि यह लोग घूस में लड़कियां सप्लाई करतें हैं।
ऐसे तमाम उदाहरण मौजूद हैं जिसमें नरेंद्र मोदी ने महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी की जिनसे वह माफी मांगने चलेंगे तो उनकी बची खुची ज़िन्दगी भी कम पड़ जाएगी।
दरअसल भारतीय राजनीति में कटुता और शब्दों को निम्न स्तर पर नरेंद्र मोदी ही ले गये हैं जो पलटकर उनतक आ रहा है , हालांकि यह निंदनीय है मगर फसल तो नरेंद्र मोदी ने ही बोई है।.
नहीं तो इसी देश में अटल बिहारी वाजपेई, लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी का भी दौर था जिन्होंने भाषा की गरिमा बनाए रखी विपक्षी नेताओं को सम्मान देते रहे। जिसे गुजरात के इन दोनों ने तार तार कर दिया।.
अभी तो सत्ता का कवच है , मैं सोच रहा हूं कि जब यह सत्ता में नहीं रहेंगे तब इनका क्या होगा? नरेंद्र मोदी ने जो भाषा का स्तर गिराया है वह सदाएं वापस तो आएंगी ही।