आरा में कौन छीनना चाहता है गरीबों का निवाला इस कांड में और भी कौन लोग है शामिल?

गरीबों का निवाला छीन रहे अमीर, बंदूकधारी से लेकर बंगलाधारी तक ले रहे कोटे का राशन; प्रशासन हुआ सख्त

आरा। एक ओर भोजपुर जिले में गरीब तबके के लोग खाद्य सुरक्षा में नाम जुड़वाने के लिए प्रखंडों के चक्कर लगाने पर मजबूर हैं और फिर भी नाम नहीं जुड़वा पा रहे हैं। इसके उलट कई बंगलाधारी, सरकारी और रिटायर्ड कर्मचारी हर महीने गरीबों को फ्री में मिलने वाले गेहूं व चावल का फायदा लिए जा रहे हैं।

यहां सबसे बड़ी बात यह है कि भोजपुर जिले में खाद्य सुरक्षा सूची में 2014 से अभी तक 4 हजार 320 सरकारी कर्मचारी अपात्र होने के प्रमाण सामने आए है। इसके बावजूद भी खाद्य सुरक्षा का लाभ ले रहे हैं।इस प्रकरण को जानकर हैरानी होगी कि इनके पास बड़े मकान, महंगी मोटरसाइकिलें व कारें भी मौजूद हैं। इनमें रिटायर्ड कर्मचारी भी शामिल हैं

सरकारी कर्मियों ने राशन कार्डों में नोट कर रखा अपना अपना नंबर

नगर निगम क्षेत्र वार्डों व गांव में से शायद ही ऐसा कोई वार्ड बैलेंस होगा, जहां पर कोई सरकारी कर्मचारी या फिर बंगलाधारी खाद्य सुरक्षा से न जुड़ा हो। सभी वार्डों से अधिकांश लोगों के नाम खाद्य सुरक्षा सूची से जुड़े हुए हैं। दिलचस्प बात यह है कि खाद्य सुरक्षा लिस्ट से जुड़े सरकारी कर्मियों व बंगलाधारियों ने राशन कार्डों में अपना मोबाइल नंबर तक लिखवा रखा है।
जिला प्रशासन ने अब खाद्य सूची में जुड़े अपात्र लोगों का सर्वे करना शुरू किया है और जल्द ही ऐसे लोगों के नाम लिस्ट से रद्द किए जाएंगे। साथ ही उनसे गेहूं और चावल की कीमत भी वसूली जाएंगी।

कुछ राशन कार्डधारी बनियों को बेच रहे अपने नाम का अनाज

कुछ डीलरों ने इस बात का खुलासा किया कि कई राशन कार्डधारी डीलर से अनाज लेकर बनियों को बेच देते हैं। सदर एसडीओ ने कहा कि जो लोग अनाज को बेच रहे हैं, उन सभी कार्डधारियों को चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है।

अब डीलर करेंगे हर राशन कार्डधारी की पहचान

खाद्य सुरक्षा लिस्ट में 1420 ऐसे सरकारी कर्मचारी मौजूद हैं, जिन्होंने गरीबों का निवाला डकारा हुआ है। सरकारी नौकरी वाले इन लोगों की वजह से असल में जरूरतमंद गरीबों तक लाभ नहीं पहुंच पा रहा है। इसकी जांच में तीन विभागों की टीमें लगी हुई हैं।
संवाद: डी आलम

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