आरएसएस की शाखाओं में,पीएम मोदी जी की प्रयोग शालाओं में क्या यही सिखाया जाता है?
रमेश बिधूड़ी
दो कौड़ी का नशेड़ी
जनता द्वारा चुने गए एक मुस्लिम सांसद को आतंकवादी बता रहा है।
संसद से बाहर निकल कर देख लेने की धमकी देकर डरवा रहा है।
कोई बुद्धिमान समझा दे जाके इस सड़क छाप को
राजनीति के लिए बदनाम ना कर अपने मां-बाप को
(साहिल फतेहपुरी)
जो बाहर हो रहा है वही सदन में भी, अब तो बस वँहा भी लिंचिग होना बाक़ी है!
जोम्बीज़ यही चाहते भी हैं। कल जो हुआ संसद भवन में बहुत सही हुआ। मैं चाहता हूँ और ऐसी हरकतें हों ताकि दुनिया सामने इनका चेहरा रूबरू हो जाए सारी हकीकत और दिखे दूसरा ये मुँह दिखाने लायक ही न बचें।
वैसे तो इनका खून, चेहरा सबके सामने खुलकर आ रहा है।
रो पड़े BSP सांसद दानिश अली…
बोले- क्या RSS की शाखाओं और नरेंद्र मोदी जी की प्रयोगशाला में यही सिखाया जाता है? आपका कैडर जब एक चुने हुए सांसद को भरी संसद में ओंछी जबान का इस्तेमाल कर मुस्लिम सांसद को आतंकवादी, उग्रवादी, मुल्ले…जैसे शब्दों से अपमानित करने में कोई कसर नहीं छोड़ता तो वो आम मुसलमानों के साथ क्या करता होगा? यह सोच कर भी रूह काँप जाती है।
राहुल गांधी ने आज बसपा सांसद दानिश अली के घर जाकर उनसे बातचीत की। इस अवसर पर उनके साथ कांग्रेस नेता के.सी.वेणुगोपाल और इमरान प्रतापगढ़ी भी मौजूद थे। उन्होंने भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी द्वारा दानिश अली को संसद में दी गई गालियों को लेकर अनावश्यक बयानबाजी से बचते हुए अपना विरोध दर्ज करने का यह बेहतर तरीका अपनाया जिससे कटुता और नफ़रत न फैले।
होना तो यह चाहिए था कि मामूली बातों पर भी सांसदों को निलंबित करने वाले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला दानिश अली को अपने कक्ष में बुला कर उन्हें बिधूड़ी के खिलाफ कार्रवाई का न सिर्फ जुबानी भरोसा देते बल्कि दंडात्मक कार्रवाई कर ही डालते लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा;
क्योंकि
भाजपाई अपने वर्ग-चरित्र के अनुसार सदैव बलात्कारियों, भ्रष्टाचारियों, बैंकों को अरबों-खरबों रुपए का चूना लगाने वालों तथा अन्य प्रकार के अपराधियों के साथ दिखेंगे लेकिन किसी बेगुनाह के साथ खड़े नहीं दिखाई देंगे। इन ने अपनी पाठशाला में ऐसाही नफरती इल्म सीखा है। ऐसे बीजेपी नेता, सांसदों के जिम्मेदार कौन हो सकते है? क्या पीएम मोदी जी के पास कोई इसका इलाज और जवाब है?