वर्ष2019 ,फडणवीस की सरकार थी 5मंत्रालय के अधिकारी सोशल मीडिया की जानकारी ग्रहण के लिए इजरायल गए थे अबतक उनकी जांच नही?

फडणवीस, पेगासस झारी के शुक्राचार्य मंत्रालय के उन 5अधिकारी यो का इसराइली दौरा क्या कहलाता है?

2019 अक्तूबर में हुए विधानसभा चुनाव के बाद
नोव्हेंबर में शिवसेना- और बीजेपी की बातचीत में काफी दूरियां पैदा हो गई।
जिसकी वजह से
शिव सेना ने काँग्रेस, और राष्ट्रवादी से जुड़कर सरकार बनाने की सफलता पूर्वक कोशिश की।
राज्य भर में अभूतपूर्व हलचल मच गई । मंत्राल के वे 5अधिकारी इस्रायल में चले गए थे वे सब अब बड़ी मुश्किल में फंस गए है।

गौर तलब है कि पेगासस स्पायवेअरके माध्यम से कई केंद्रीय मंत्री, जज, और पत्रकारो की गोपनीय तफसील की सारी खुफिया जानकारी फोन टेपिंग के जरिए लीक कर देने का मामला उजागर होने के कारण समस्त देश भर में हड़कंप मच गया है।
जब कि पेगासस यंत्रणा का संचालन इजराइल से होता है।
राज्य भर में सत्ता संघर्ष का दौर अभी खत्म भी नही हुआ था कि ऐसे हालात के दौर में मंत्रालय के ओ 5अधिकारी इस्रायल के दौरे पर चले गए थे।
इस कारण ये मामला संदिग्ध और शक शूबे के घेरे में चल रहा है।
जैसे कि महाराष्ट्र सरकार के मंत्रालय द्वारा जानकारी और जनसंपर्क विभाग में कार्यरत ,5 अधिकारीयों की टीम 14 नोव्हेंबर 2019 को इस्रायल के दौरे पर रवाना हो गई थी।
उक्त दौरा लगभग 10 दिन के लिए मुकर्रर किया गया था।
जिस के लिए कुल ,₹.20 लाख का खर्च भी किया था।
लेकिन अबतक भी इसका ब्योरा राज्य सरकार को प्राप्त नही किया जा सका।
विधान सभा चुनाव हो जाने तथा नई सरकार नियुक्त न होने के कारण उस समय में पूरे राज्य में आचारसंहिता का दौर चल रहा था।
ऐसे में इस्रायल दौरे पर रवाना होने से पहले ही इस विषय की अधिकारीयो की टीम को चुनाव आयोग से इजाजत प्राप्त कर लेना आवश्यक था।
किंतु चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को इस बारे में कुछ न बताए तथा इजाजत के बिना ओ 5 अधिकारीयो की टीम इस्रायल के दौरे पर कैसे निकल पड़ी?
बताया जा रहा कि सोशल मीडिया के बारे में पुख्ता जानकारी प्राप्त करने को लेकर उक्त अधिकारीयो की टीम इस्रायल रवाना हो चुकी थी।
बताते है कि उन अधिकारियों के विदेश में किए गए दौरे का पूरा ब्यौरा राज्य सरकार के सामने पेश करना जरूरी था ।
जिस विदेशी दौरे की पूरी मालूमात, और ब्यौरे की पूरी तफसील वार जानकारी राज्य प्रशासन के अधिकारीयों को देना बेहद ही जरूरी था।
लेकिन उन 5अधिकारियों की टीम ने इस ब्यौरे की जानकारी अबतक के राज्य सरकार के सामने ,किस कारण पेश नही की? है ये भी एक बड़ा सवाल खड़ा हुआ है।
लिहाज़ा महाविकास आघाडी ने ऐसे लोगों की खोज बीन के साथ पुख्ता जानकारी प्राप्त कर फडणवीस और उनकी बीजेपी की टीम के खिलाफ अपराधिक मामले की संज्ञा लेकर सख्त कार्रवाई को अंजाम देना चाहिए।

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