भारतीय पूर्व प्रधानमंत्री आयरन लेडी इंदिरा गांधी जी की 37सालाना बरसी पर खास लेख

एडमिन

इंदिरा गांधी जी का जन्म इलाहाबाद आज के प्रयागराज में 19अक्टूबर 1917में हुआ , जोकि नेहरू परिवार में पंडित जवाहरलाल नेहरू, और कमला नेहरू की बेटी और एकमात्र संतान थी। उनके दादा मोतीलाल नेहरू ने उन्हे इंदिरा नाम दिया।
तथा उनका पूरा नाम इंदिरा प्रियदर्शनी नेहरू था।

उनकी शिक्षा

इंदिरा गांधी जी ने1934,35में अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद शांति निकेतन में रविंद्रनाथ टैगोर द्वारा बनाए गए विश्व भारती विश्वविद्यालय में दखीला लिया।
उन्हे प्रियदर्शनी नाम रविंद्रनाथ टैगोर ने दिया। यहां से सिक्षण प्राप्त कर वे आगे की पढ़ाई कें लिए इन्लेंड चली गई।और ऑक्सफर्ड विश्व विद्यालय की प्रवेश परीक्षा पास करने के बाद असफल रही। परंतु दुबारा ब्रिस्टल के बेड मिंगटन स्कूल में कुछ मेहनत कर ने के बाद उन्हे1937में उन्हे परीक्षा में सफलता मिली।
उन्होंं ने सोमविल कॉलेज ऑक्सफर्ड मे प्रवेश ले लिया।निकट लंदन ने पढ़ाई के दौरान वे अक्सर फिरोज से मिलती जुलती रहती थी। क्योंकि इंदिरा जी फिरोज जी को इलाहबाद से ही जानती थी। और उन्ही के निकट लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में पढ़ाई कर रहे थे।
ऑक्सफोर्ड से साल 1941में पढ़ाई कर भारत वापस आने के बाद वे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल ही गई। तथा बाद मे इंदिरा और गुजराती पारसी फिरोज का विवाह 16मार्च1942को इलाहबाद के आनंद भवन में एक निजी आदि धर्म ब्रह्म वैदिक समारोह में हुआ।
इंदिरा गांधी का उपनाम फिरोज गांधी से शादी करने के बाद मिला था।
ईसका मोहनदास करमचंद गांधी से कीसी भी खून का रिश्ता नही था।
अपने पिता जवाहरलाल नेहरु के भारत के प्रथम प्रधानमंत्री के रूप मे चुने जाने के बाद1950के दशक में वह गैर सरकारी तौर पर एक निजी सहायक पद के रूप में उनकी सेवाएं रही। अपने पिता की मृत्यु के बाद उन्हे1964में राज्यसभा सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया।
बाद में उन्हे लाल बहाद्दुर शाश्री के मंत्री मंडल में सूचना और प्रसारण मंत्री के पद पर चुना गया।

कैसे बनी भारत की प्रधान मंत्री

लाल बहाद्दुर शाश्रि की अचानक हुई मौत के बाद तत्कालीन कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष के कामराज ने इंदिराजी को प्रधान मंत्री बनाने में निर्णायक भूमिका निभाई।
इन्दिरा गांधी जी ने 1966 में हुए चुनाव में विजय प्राप्ति के साथ ही जनलोक प्रियता हासिल कर विरोधियों के ऊपर हावी होने की योग्यता दर्शाई।
कृषि उत्पादकता को बढ़ावा देते हुए हरित क्रांति और अधिक वामवर्गी आर्थिक नीतियां लेकर आई। 1971,में हुए भारत पाक जंग में एक निर्णायक और महत्वपूर्ण विजय का मार्ग सस्वस्त किया।
उन्हों ने एक कांग्रेस पार्टी मे लगातार दो बार चुनाव जीतकर 1966से लेकर1977तक 10साल शासन किया। उसके बाद 1977के आम चुनाव में उन्हे हार का सामना करना पड़ा। लेकिन कुछ वर्ष बाद ही दुबारा सन1980में हुए चुनाव ने सत्ता में वापसी करते हुए अलगाव वादियों के साथ बढ़ते हुए जंग मे उलझी रही।

मृत्यु

साल 1980में इंदिरा ने ऑपरेशन ब्लू स्टार में स्वर्ण मंदिर में सैन्य कार्रवाई का आदेश दिया। जिसके बाद आगे चलकर सन 1984 में उनके की सीख बॉडी गार्ड द्वारा 31इक्तुबार को उनकी राजनीतिक हत्या कर दी।

पुरस्कार

इंदिरा गांधी को भारत रत्न और अंतरराष्ट्रीय सम्मान लेनिन निस अवॉर्ड से नवाजा गया।
इंदिरा गांधी के भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और देश की उन्नति मे दिए गए ऐतिहासिक योगदान

इंदिरा गांधी का भारतीय स्वतंत्रता संग्राम एवं भारतीय राजनीति में अहम योगदान रहा है। उन्हों ने लंदन से अपनी पढ़ाई छोड़कर भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन मे बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
तथा महात्मा गांधी से प्रभावित होकर उन्हों ने बाल चरखा संघ की स्थापना की।
तथा 1930=में किए जानेवाले असहयोग आंदोलन में बच्चों के सहयोग से वानर सेना का निर्माण कर कांग्रेस पार्टी की सहायता की।
बाद मे उन्हे आजादी के आंदोलन में सहभागिता के लिए जेल भी जाना पड़ा।
देश की तीसरी और प्रथम महिला प्रधानमंत्री रहते हुए कोई ऐसे महत्वपूर्ण एवं निर्भीक फैसले लिए जिसकी बदौलत उन्हे आयरन लेडी ऑफ इंडिया कहा जाने लगा।

बतौर प्रधानमंत्री रहते उनके ऐतिहासिक योगदान

इन्दिरा गांधी जी के नेतृत्व मे उन्हो ने वर्ष 1969 मे बैंको का राष्ट्रीयकरण कर डाला। उनके शासन काल के दौरान साल 1971में पाकिस्तान के दो टुकड़े हो गए। और बांग्ला देश का उदय हो गया।
जिस से उनकी कूटनीतिक क्षमता उजागर हुई।
उन्हों ने वर्षों से चली आई प्रिवी पर्स यानी राज भत्ते की परंपरा सरकारी धन के बरबादी बताते हुए सन 1971में इसे समाप्त किया।
18मई 1974 में समैलिंग बुद्धा ऑपरेशन के तहत भारत के पोखरण में परमाणु परीक्षण किया। जिसे देख पूरी दुनिया ने दातों तले उंगली दबा ली। साथ ही उन्हों ने 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार को बखूबी अंजाम देकर आतंकवाद का अंत किया।
1984में ही आपरेशन मेघदूत को अंजाम देकर उन्हों ने पाक को उसकी औकात दिखाई। और सियाचिन पर अपनी मजबूत पकड़ बनाई।
उनके कार्यकाल में ही शिमला समझौता भी हुआ। तथा भारत के पहले अंतरिक्ष यात्री के रूप में राकेश शर्मा को आंतिक्ष में भेजकर उन्हों ने भारत को गौरवान्वित पल भी दिए।
हालांकि इंदिरा गांधी द्वारा 25जून1975को लगाए गए करीब 19महीने आपातकाल (EMERGENCY)तथा1984में हुए सिख दंगों को लेकर उन्हे काफी आलोचनाएं झेलनी पड़ी।

इंदीराजी को आयरन लेडी कही जानेवाली पहली और एक मात्र महिला प्रधान मंत्री श्रीमती इंदिरा जी की मृत्यु

उनके ही बॉडीगार्ड ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इंदीराजी की पुण्यतिति को हर साल राष्ट्रीय संकल्प दिवस (National pledge Day )के रूप में मनाया जाता है।उन का समाधि स्थल दिल्ली में राजघाट के निकट शक्ति स्थली के रूप में उपस्थित है।
पति फिरोज गांधी। तथा उनके दो बच्चे थे छोटे बेटे का नाम संजयं गांधी तथा बड़े बेटे का नाम राजीव गांधी था। जो देश के सातवें प्रधानमंत्री थे। राजीव गांधी की शादी सोनिया से हुई। उनके पुत्र राहुल गांधी और पुत्री प्रियंका आज भी भारतीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे है।

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