बालिकाओं के लिये कैसे वरदान साबित होगी मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना?

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रिपोर्टर:-

जिला मुख्यालय पर राजकीय बालिका इण्टर कालेज में आयोजित होगा कार्यक्रम।

योजना का आज शुभारम्भ करेंगे मुख्यमंत्री ।
प्रदेश में कन्या भ्रूण हत्या को समाप्त करने, समान लैंगिंक अनुपात स्थापित करने, बाल विवाह की कुप्रथा को रोकने ।

बालिकाओं के स्वास्थ्य व शिक्षा को प्रोत्साहन देने।
बालिकाओं को स्वावलम्बी बनाने में सहायता प्रदान करने।
तथा बालिका के जन्म के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मार्च 2019 में ‘मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना’ की घोषणा की गयी थी।
यह योजना 01 अप्रैल 2019 से लागू हो गयी है।
उल्लेखनीय है कि 25 अक्टूबर 2019 को प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ‘कन्या सुमंगला योजना के शुभारम्भ के साथ-साथ योजना के लिए विकसित किये गये पोर्टल एमकेएसवाई डाट यूपी डाट जीओवी डाट इन को लांच किया जायेगा।
तथा योजना के लाभार्थियों को पंजीकरण पत्र का वितरण भी किया जायेगा।

योजना के शुभारम्भ अवसर पर लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम का छात्राओं, आॅगनबाड़ी कार्यकत्रियों तथा आमजन के अवलोकनार्थ जिला मुख्यालय पर राजकीय बालिका इण्टर कालेज बहराइच में व ब्लाक मुख्यालयों पर मध्यान्ह 12ः00 बजे से सजीव प्रसारण के लिए कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा।
इस अवसर पर सांसद, विधायक सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।

‘कन्या सुमंगला योजना’ छः श्रेणियों में लागू होगी।
प्रथम श्रेणी में बालिका के जन्म होने पर रू. 2,000=00,
द्वितीय श्रेणी में बालिका के एक वर्ष तक के पूर्ण टीकाकरण के उपरान्त रू. 1,000=00,।
तृतीय श्रेणी कक्षा प्रथम में बालिका के प्रवेश के उपरान्त रू. 2,000=00,।
चतुर्थ श्रेणी कक्षा छः में बालिका के प्रवेश के उपरान्त रू. 2,000=00,।
पंचम श्रेणी कक्षा नौ में बालिका के प्रवेश के उपरान्त रू. 3,000=00।
तथा षष्ट्म श्रेणी में ऐसी बालिकाएं जिन्होंने कक्षा 12वीं उत्तीर्ण करके स्नातक अथवा 02 वर्षीय या अधिक अवधि के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश लिया हो, को रू. 5,000=00 एक मुश्त प्रदान किये जायेंगे।

कन्या सुमंगला योजना’ के लिए ऐसे लाभार्थी पात्र होंगे।
जिनका परिवार उत्तर प्रदेश का निवासी हो,
जिनकी पारिवारिक वार्षिक आय अधिकतम रू. 3.00 लाख तथा जिनके परिवार में अधिकतम दो बच्चे हों।
किसी परिवार की अधिकतम 02 बच्चियों को ही योजना का लाभ मिल सकेगा।
योजना के आनलाईन पोर्टल पर सम्पूर्ण प्रदेश में 18 अक्टूबर 2019 तक 2.82 लाख आवेदकों का पंजीकरण किया जा चुका है।
तथा 1.45 लाख आवेदकों का आनलाईन फार्म फीड किया जा चुका है।

 

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