डॉन इज बेक, डेंगू ने किस हद तक तोड़ा रिकार्ड? जानिये !

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रिपोर्टर.

डेंगू से बीमार होने वालों की रफ्तार के मामले में अप्रैल में मरीजों की तादाद का पिछले पांच साल का रिकार्ड टूटा।

मगर एक सर्वे के मुताबिक़ दिल्ली के 60% फीसदी लोग इस सच्चाई के बारे में नहीं जानते?

बदन पर रेडिश पड़ना, बदन में ऐंठन के साथ तेज़ दर्द, बुख़ार, आंखें लाल होना ये सब डेंगू होने की अलामत हैं।

शक होने पर फौरन डॉक्टर के पास मरीज को पहुँचाया जाए।

सर्वे में यह बात भी आई है कि ज़्यादातर लोग जानते हैं कि डेंगू फैलाने वाले मच्छरों का लार्वा साफ पानी में पलता है मगर अक्सर लोग नहीं जानते कि रसोई, कूलर, बिस्तर के आसपास, गमले, पार्क के सामने की टेरिस, कबाड़, टॉयलेट, ग़ुस्लख़ाने, घर के बाहर ड्रैन के चेम्बर, वग़ैरह में इधर उधर कोनों में रुके पानी में भी लार्वा पनप सकता है!

अगर अपनों की फिक्र है तो आसपास रुके पानी की जांच करें और केरोसीन, डीज़ल या एमसीडी की दवा डालकर लार्वा पनपने से रोकें।

पड़ोसियों को भी आगाह करें क्योंकि डेंगू का मच्छरों काफी दूर तक उड़कर पहुंच सकता है।

 

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