जबसे जानलेवा कोरोना की इंट्री हो गई सारा आलम दहशत में है हमारे यहां सरकारें हैरान है कि कैसे भगाया जाए इस महामारी को

जब कोरोना ने भारत में दस्तक दी तो चारो तरफ दहशत और तहलका मच गया, फिर क्या था तरह तरह के इलाज निर्बंध और लॉक डाउन के तरीके अपनाए गए।

पहले तो इसे भगाने बचने के लिए मोदी जी ने ताली
फ़िर थाली और शंख बजाने का उपाय शुरू किया।
फिर 1 दिन का लॉक डाउन,दस दिन, १५का
फिर 4 महीने लॉक डाउन?
फिर 1मास्क
फिर 2 मास्क, फिर वैक्सीन 1st dose
फिर दूसरा डोज
अब buster, dose
साथ ही फिर मास्क,
अगर मास्क ही ठीक था
तो वैक्सीन क्यों
वैक्सीन effective है तो booster क्यों..?
फाइनली जवाब
8 बूस्टर dose दी जाएंगी ।
नए नए बहाने बना कर और 2030 के पहले
सभी के हाथ मे चावल के दाने के बराबर chip लगा दी जाएगी ।
Sim की तरह
और हर सुविधा इसी से जोड़ दी जाएगी ।
Direct शरीर मे चिप नही लग सकती ।इसी लिए ये स्वांग रचा गया है कोरोना का । साथ ही 90 परसेंट तक आबादी भी खत्म कर देने का लक्ष्य है । ये सारी दुनिया की सरकारों का एक साझा प्रोजेक्ट है ।
आबादी कम करने का । हु से लेकर
सभी पार्टी इसमे शामिल हैं।
इसका नाम प्रोजेक्ट 2021 था ।अब प्रोजेक्ट 2030 हो गया है । आधार कार्ड इसी का एक हिस्सा है । जो 10 साल पहले आया था ।
दूसरा चरण नोट बन्दी थी
तीसरा चरण कोरोना है ।
आखरी चरण
Chip लगी होगी ।
अपने आसपास गौर करिये
लोग लगातार मर रहे हैं ।
खासकर हार्ट attack से।
20 ,25 35 साल के लोग मर रहे हैं । वेक्सिन के न तो ingredients लिखे हैं बोतल पर न कोई जवाबदारी तय की जा रही है कोई जिम्मेदारी निभानेवाला नही है। मरना तो हर एक को तय है। जो केसेस आ रहे हैं
वो सब सरकारी आंकड़े है ।जब चाहेंगे बढ़ जाएंगे और
जब सरकार चाहेगी घट जाएंगे ।
जो लोग होस्पिटल में मरे वो गलत इलाज गलत दवाइयों से मरे ।
मोबाइल टावर्स से बहुत high frequency पर radiation छोड़े जाते हैं ।जिसके कारण weak immunity वाले लोगों पर सांस न ले पाने ।
ऑक्सीजन कम होने जैसे लक्षण प्रकट होते हैं ।
फिर जिसे लांग्स इन्फेक्शन हो उसे बेहद ठंडी ऑक्सीजन दी जाएगी ।तो इन्फेक्शन कम होने की जगह और बढ़ेगा ।
पेशेंट जब मर जायेगा तो बोलेंगे ।
कोरोना से मरा,
और बड़ी बात पोस्टमॉर्टेम भी नही होने देंगे ये कह कर कि वायरस फैल जाएगा ।
सच्चाई सामने न आ जाये इसकी पूरी व्यवस्था कर रखी गयी है।
आज तक कोई स्टडी वर्ल्ड वाइड ऐसी नही आई जिसमे कोरोना की असली तस्वीर मिली हो ।
जो फ़ोटो हम लोग देख रहे वो कंप्यूटर से बनी हुई काल्पनिक पिक है।
कोई वायरस इतना समझदार होता है क्या जो चुनावी रैली में न जाये पर रात को 11 से 5 नाइट कर्फ्यू में निकल पड़े?
आज भी मोदी, योगी की रैली की भीड़ देख लीजिए
रात में कर्फ्यू सुबह को रैलियां?
सब planned way में जनता को मूर्ख बना कर डिजिटल ग़ुलामी की तरफ ले जाने की पूरी साज़िश है।
और कुछ नही ।
सचेत रहे..
सावधान रहें ,
सरकारी षडयंत्रों से
न्यूज चैनल,
न्यूज पेपर पढ़ना बन्द कर दे ।
बस यही रह गया करना है जरुरी!

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