कौन कहता राहुल हारे है ? वो तो विश्व के सबसे बेहतर ताकतवर सियासी नेता बन गए है!

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रिपोर्टर:- 

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर राहुल गांधी बीकट परिस्थतियों में बेहतरीन सियासी प्रदर्शन करने वाले विश्व के सबसे ताक़तवर नेता बन गए है ।

विशेषज्ञों का दावा है आगामी चुनाव में उनके नेतृत्व में कोंग्रेस एक तरफा शक्ति बनकर उभरेगी ,,वर्तमान हालातों में राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रबंधन और बहतरीन परफॉर्मेंस मामले में राहुल गांधी ,,पंडित जवाहर लाल नेहरू ,,स्वर्गीय इंद्रा गाँधी ,,स्वर्गीय राजीव गाँधी ,,नरसिंम्हा राव ।
श्रीमती सोनिया गांधी से भी मज़बूत नेता के रूप में अपनी पहचान बना चुके है ,।
विश्व व्यापी सियासी परफॉर्मेंस सर्वेक्षण में स्पष्ट है ,के विकट परिस्थितयों में राहुल गाँधी की कांग्रेस के राष्ट्रिय अध्यक्ष के रूप में ताजपोशी हुई है।

जबकि इसके पूर्व नेहरू जी ,,लालबहादुर शास्त्री जी ,,इंद्रा जी ,राजीव जी ,सोनिया जी ,बेहतर से बेहतर हालात में कांग्रेस के सिरमौर बने थे ।

अंतरराष्ठ्रीय सर्वेक्षण रिपोर्ट मे स्पष्ट है ,इंद्रा जी आपात काल के बाद विकट हालातों में आयी थी ।
उनकी लोकसभा सीटें नहीं थी ,अध्यक्ष को लेकर भी विवाद हुआ ,,लेकिन फिर इंद्रा जी एक ताक़त बनकर उभरी ,मज़बूत ताक़त बनकर उभरी ।
बस राहुल गांधी भी अब आगामी चुनाव में आकर हीरो ,ताक़तवर विजेता के रूप में बेहिसाब बहुमत से पार्टी को जिताने वाले मज़बूत ऐतिहासिक नेतृत्व देने वाले पार्टी के नेता साबित होंगे

लोगों का कहना है ,के राहुल गाँधी में त्याग की भावना है ,,राहुल गांधी ने बुज़ुर्गो , युवाओ , महिलाओं , दलित , अल्पसंख्यक वर्ग का संतुलन स्थापित किया है ,तभी तो वोह मनमोहन सिंह मंत्रिमंडल में किसी भी महत्वपूर्ण पद पर नहीं रहे ।

राहुल गांधी ने कांग्रेस संगठन के हालात जाने ,भविष्य के खतरे से राहुल गांधी खरबरदार थे ।
इसीलिए राहुल गाँधी ने सत्ता का सुख ठुकरा कर संगठन का नेतृत्व स्वीकार किया ।

रिपोर्ट के मुताबिक़ राहुल गांधी के नेतृत्व में संगठन संभालना ,एक जुट रखना ,मेढंक तोलने से भी खतरनाक काम ,था और इस काम को ,कांग्रेस के वोटों का विभाजित होने ,क्षेत्रीय पार्टियों के वोट कटुआ होने ।
देश के मीडिया द्वारा एक तरफा माहौल बनाकर मुख्य मुद्दे दबाकर ,छद्म मुद्दों को आम जनता को परोसने ,,कथित रूप से नरेंद्र मोदी की आंधी होने के बावजूद भी राहुल गाँधी डटे रहे ।

उन्होंने कांग्रेस के सिद्धांतों को झुकने नहीं दिया ,कांग्रेस के सिद्धांतों राहुल गाँधी ज़िंदा रखकर आगे बढे।
उन्होंने किसी का अपमान नहीं किया उन्होंने किसी भी अभद्रता का जवाब अभद्रता से नहीं दिया ।

मीडिया सोशल मीडिया की अपमानकारी झूंठी खबरों को भी उन्होने नज़र अंदाज़ किया ,वोह देश भर में घूमे ।
उन्होंने कांग्रेस को तोड़ने ,बिखरने से बचाया ,,जो गए उन पर टिप्पणी नहीं की ,जो लोट कर आये उन्हें पूरा सम्मान दिया।
राहुल गाँधी ने कांग्रेस में रहकर कोंग्रेस विचारधारा को ज़िंदा रखा ।

उन्होंने किसानों ,मज़दूरों ,असंगठित मज़दूरों ,दलितों ,पीड़ितों ,शोषितों ,,,महिलाओं ,,बेटियों ,,अल्पसंख्यकों के हक़ हुक़ूक़ के लिए संघर्ष किया !

राहुल गाँधी कार्यकर्ताओं के बीच गए ,उन्होंने कार्यकर्ताओं को जोड़ा ,,बीकट हालातों में जब कांग्रेस के खिलाफ जनता की बगावत को योजनाबद्ध तरीके से मीडिया की हवा थी ।

दुनिया बंद कर लो मुट्ठी में के नारे के साथ उद्योपतियों को मुट्ठी में बंदकर ,कांग्रेस पर आर्थिक हमले हो रहे थे ।
आर एस एस का गुस्सा ,,नरेंद्र मोदी सरकार की बदले की भावना ,सुब्रमण्यम स्वामी जैसे दिग्गजों का क़ानून के मिसयूज़ के हमले ,सभी को राहुल गांधी ने मुस्कुराते हुए झेला है ,वोह चाहते तो हर हमले का ,हर बेहूदगी ,बदतमीज़ी का मुंह तोड़ जवाब दे सकते थे ,कार्यकर्ताओं का इस्तेमाल निजी तोर पर कर सकते थे !

लेकिन राहुल गाँधी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हमेशा अमन ,सुकून ,देश के विकास ,संरक्षण ,,सुरक्षा को लेकर चिंतित रहने ,सहयोगी होने का पाठ पढ़ाया ।

राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद राहुल गांधी पुरे भारत के हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक बार होकर आये है ,इन विकट हालातों में कोई और होता तो शायद टूट जाता ,घबरा जाता। लेकिन राहुल गांधी के नेतृत्व में गुजरात की परफॉर्मेंस बेहतर रही ,,गोवा की दादागिरी सभी की निगाह में है ।

मध्य्प्रदेश ,छत्तीसगढ़ ,राजस्थान ,कर्नाटक में कांग्रेस की मज़बूती राहुल के नेतृत्व की कामयाबी का पुख्ता सुबूत है ,,ऐसे विकट हालात जब क्षेत्रीय पार्टियों की ब्लेकमेलिंग हो ,तब भी राहुल थके नहीं राहुल हारे नहीं राहुल झुके नहीं करो या मरो के नारे के साथ मैदान में मुक़ाबला करते रहे !

नतीजा कांग्रेस मुक्त भारत का सपना देखने वाले लोगों ,इस सपने को हवा देने वाले मीडिया चमचों के मुख कालिख पूत गयी , राज्यों में सरकारें इन्हे से छीनी ,राहुल चाहते तो कुछ सियासी समझौते करके , कांग्रेस की सीटें बढ़ा सकते थे ।लेकिन सारा बनी बना खेल जानकर भी अनजान बने रहे।

कुछ राज्यों में सरकार गिरा कर अपनी सरकार बना सकते थे , लेकिन उन्होंने कार्यकर्ताओं के स्वाभिमान ,,मान सम्मान ,कांग्रेस संगठन के सिद्धांतों की रक्षा की ।
वोह हारे लेकिन हारकर भी इन बीकट परिस्थतियों में कांग्रेस का वोट प्रतिशत बढ़ाया।

कांग्रेस के राज्यों में शासन की संख्या बढ़ाई ,बिना किसी समझौते के ,बिना किसी ब्लेकमेलिंग के खुद की ताक़त के बल पर पहले से बेहतर ,बेहतर से भी बहतर प्रदर्शन इन विकट हालातों में राहुल गांधी ने कर दिखाया ,राहुल गाँधी की शख्सियत का अंतर्राष्ट्रीय सम्मान ही है ।

कि सबसे ताक़तवर राष्ट्रों के कोई भी प्रतिनिधि अगर भारत आते है तो वोह राहुल गांधी को सम्मान देने के लिए उनके निवास पर ज़रूर उनसे मिलने जाते है ,राहुल गाँधी ने गरीबों के दिलों में जगह बनाई है।

राहुल गाँधी ने किसानों को इंसाफ़ दिलाने का संघर्ष किया है ,उन्होंने मज़दूरों के भविष्य की कारगर योजनाओं का सपना देखा है ।

इसीलिए अंतर्राष्टीर्य स्तर पर बिकट परिस्थितयों ,बगावत के खरीद फरोख्त ,लालच के इस कोशिशों के माहौल के बावजूद भी सिर्फ राहुल ही, ही इज राहुल ,राहुल इज़ ग्रेट बनकर उभरे है , वोह अभी और मज़बूत हो रहे है सर्वेक्षण में पेंशन गोयी भविष्यवाणी है ।

आगामी लोकसभा चुनाव में जैसे कि इंद्रा गांधी आपात काल की करारी हार के बाद आगामी चुनाव में एक अटूट ताक़त बनकर उभरी थी ।

इससे भी कई गुना मज़बूत होकर राहुल गाँधी के नेतृत्व में कांग्रेस हर राज्य , लोकसभा में ऐतिहासिक जीत के साथ मज़बूत बनकर उभरेगी  राहुल गाँधी ने हार से सबक़ लिया है , रिसर्च किया है ,हार के कारणों को समझा ,है अब देखिये ।

राहुल आ रहे है ,राहुल आएंगे ,राहुल ऐतिहासिक बहुमत के साथ देश में एक बार फिर राष्ट्रिय सुरक्षा ,,अंतरराष्ठ्रीय सम्मान ,राष्ट्रिय विकास ,गरीबों ,किसानों ,मज़दूरों ,दलितों ,महिलाओं की सुरक्षा ,रोज़गारोन्मुखी योजनाओं के साथ आ रहे है ,रोक सको तो रोक लो !

 

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