अफगानिस्तान में लगातार कौन और क्यों किया जा रहा शिया मुस्लिमो को टारगेट?

एडमिन

एक ओर अफ़ग़ानिस्तान में जहां आए दिन शिया मुसलमानों के टार्गेट करके किए जा रहे आतंकवादी हमलों में बड़ी संख्या में शिया मुसलमान शहीद और घायल हो रहे हैं वहीं इस देश के शिया धर्मगुरुओं की परिषद के ताज़ा बयान ने हर इंसान का दिल जीत लिया है।
अफ़गानिस्तान के शिया धर्मगुरुओं की परिषद ने कहा है कि शिया और सुन्नी दोनों एक ही बाग़ के फूल हैं।
प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, अफ़ग़ानिस्तान में तकफ़ीरी आतंकवादी गुट दाइश द्वारा शिया मुसलमानों को टार्गेट करके किए जा रहे आतंकवादी हमलों में अबतक बड़ी संख्या में शिया मुसलमानों की जानें जा चुकी हैं।
इसके बावजूद इस देश के शिया मुसलमान अफ़ग़ानिस्तान में शांति व स्थिरता बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
इस बीच अफ़ग़ानिस्तान के शिया धर्मगुरूओं की परिषद ने एक बयान जारी करके तालेबान से अफ़ग़ान जनता की सुरक्षा सुनिश्चित बनाने की मांग की है।
अफ़ग़ानिस्तान के शिया धर्मगुरुओं की परिषद ने कंधार में शिया जामा मस्जिद में नमाज़ियों के नरसंहार की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए,
इस देश की अंतरिम तालेबान सरकार के सुरक्षा अधिकारियों से राष्ट्रीय सुरक्षा, विशेष रूप से शिया मुसलमानों के धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाने की मांग की है।
अफ़ग़ानिस्तान के शिया धर्मगुरुओं की परिषद ने अपने बयान में कहा है कि, “हालांकि हम मानते हैं कि शिया मस्जिदों पर हमलों के पीछे अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय ख़ुफ़िया एजेंसियों का हाथ ​​है और उनका उद्देश्य अफ़ग़ानिस्तान में सांप्रदायिक तनाव फैलाना और इस देश में क़ानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगाड़ना है।
लेकिन इसके बावजूद इस देश की अंतरिम सरकार की अफ़ग़ान जनता की रक्षा के प्रति उनकी ज़िम्मेदारी कम नहीं होती है।”
शिया धर्मगुरुओं की परिषद के एक बयान में यह भी कहा गया है कि शिया नमाज़ियों के नरसंहार के बाद बड़ी संख्या में सुन्नी भाइयों ने उदारता से रक्तदान किया और कुछ सुन्नी भाइयों को शहीदों के अंतिम संस्कार में शियाओं की तुलना में अधिक रोते हुए भी देखा गया।
इसलिए हम बता देना चाहते हैं कि हमारी दुश्मन एजेंसियां और अफ़ग़ान जनता के बीच में फूट डालने की साज़िश करने वाले हमें एक दूसरे से कभी भी अलग नहीं कर सकते हैं,
क्योंकि शिया और सुन्नी एक ही बग़ीचे के फूल हैं।

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